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जसपुर में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक संपन्न, 2027 चुनाव की तैयारियों पर दिया गया जोर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित देश की राष्ट्रीय राजनीतिक समाचार पत्रिका "विधायक दर्पण" के लिए पत्रकार रवि शर्मा की विशेष रिपोर्ट।

जसपुर, 28 जून 2026। जसपुर स्थित हीरा गार्डन में रविवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, जसपुर के तत्वावधान में एक संगठनात्मक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान मुख्य अतिथि तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गाबा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के गठन की घोषणा की गई तथा नव-नियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए विधायक आदेश सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर जनता से संवाद स्थापित करना चाहिए तथा पार्टी की नीतियों और विकास संबंधी दृष्टिकोण को लोगों तक पहुंचाना चाहिए।

अपने संबोधन के दौरान विधायक ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करें।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गाबा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देना है और सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा के साथ पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता सुभाष शर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष इफ्तार बबलू, ब्लॉक अध्यक्ष बबलू, हिमांशु लंबरदार, सर्वेश चौहान, रवि शर्मा, वर्तमान नगर अध्यक्ष मोहम्मद नाजिम सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विभिन्न गांवों से पहुंचे समर्थक उपस्थित रहे।

रालोद का लोक संवाद-शामली नगर कार्यक्रम का सफल आयोजन, "नींव से निर्माण – संकल्प सभा" को सफल बनाने का लिया संकल्प*

शामली राष्ट्रीय लोकदल द्वारा आगामी 28 जून को काबड़ौत में आयोजित होने वाली "नींव से निर्माण – संकल्प सभा" की तैयारियों के क्रम में नगर पालिका सभागार, शामली में "लोक संवाद – शामली नगर" कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  प्रसन्न चौधरी , विधायक शामली सदर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष  चौधरी वाजिद अली  उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय लोकदल व्यापार प्रकोष्ठ, शामली के अध्यक्ष अंकित जैन ने की।
कार्यक्रम में नगर के सम्मानित व्यापारियों, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए क्षेत्र के विकास, व्यापारी हितों, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं तथा जनसरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव एवं विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि जनभागीदारी और संवाद ही मजबूत समाज तथा विकसित क्षेत्र की आधारशिला हैं।
मुख्य अतिथि  प्रसन्न चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सदैव किसानों, व्यापारियों, युवाओं एवं आम जनमानस के हितों के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से 28 जून को काबड़ौत में आयोजित होने वाली "नींव से निर्माण – संकल्प सभा" में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि चौधरी वाजिद अली ने कहा कि लोक संवाद कार्यक्रम जनता और संगठन के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव विजय कौशिक, व्यापार प्रकोष्ठ  जिला अध्यक्ष  विकास धीमान,  देवानंद गौड, सुशील चौहान,  राजकुमार वर्मा, विजय संगल,  राहुल वर्मा, डॉ अर्जुन वर्मा,  विकास उपाध्याय,  अनुज सोनी,  विकास वर्मा, अमित गोयल सहित अनेक सम्मानित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन संगठन की मजबूती, व्यापारी हितों की रक्षा एवं जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं व्यापारियों ने 28 जून को काबड़ौत में आयोजित होने वाली "नींव से निर्माण – संकल्प सभा" को ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंकित जैन ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, व्यापारियों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के सुझावों और सहभागिता से ही विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी से आगामी संकल्प सभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
विधायक दर्पण राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए पत्रकार सुरेन्द्र सिंह निर्वाल की ख़ास रिपोर्ट 
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योग दिवस पर सपा जिला अध्यक्ष की तस्वीरों ने बढ़ाई चर्चा, स्वास्थ्य संदेश या राजनीतिक संकेत?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सोशल मीडिया पोस्ट बनी बहस का विषय

शामली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के शामली जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई योगाभ्यास की तस्वीरें इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। तस्वीरों में वह विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास करते नजर आ रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा योग के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष भी देशभर में सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर योग कार्यक्रमों में भाग लिया।

तस्वीरों पर क्यों शुरू हुई चर्चा?

सुरेंद्र सिंह ताना द्वारा साझा की गई तस्वीरों को लेकर लोगों के बीच विभिन्न प्रकार की राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों द्वारा योग अपनाने से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और लोगों को प्रेरणा मिलती है।

वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि योग दिवस पिछले कई वर्षों से केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख अभियानों में शामिल रहा है। ऐसे में किसी विपक्षी दल के प्रमुख नेता द्वारा योग दिवस पर सक्रिय भागीदारी को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है।

समर्थकों का पक्ष

सुरेंद्र सिंह ताना के समर्थकों का कहना है कि योग किसी एक राजनीतिक दल, संगठन या विचारधारा तक सीमित नहीं है। योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और इसका संबंध सीधे तौर पर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से है।

समर्थकों के अनुसार यदि कोई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक व्यक्ति योग के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देता है, तो उसे केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

विरोधियों की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर कुछ लोगों ने इस कदम को लेकर सवाल भी उठाए हैं। उनका मानना है कि राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंचों पर साझा की जाने वाली गतिविधियों को अक्सर राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जाता है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर तस्वीरों को लेकर बहस का माहौल बना हुआ है।

हालांकि अब तक इस विषय पर किसी बड़े राजनीतिक विवाद या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

योग और राजनीति: बहस का पुराना विषय

भारत में योग को लेकर समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि योग का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

यही कारण है कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता समय-समय पर योग कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। ऐसे में योग को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय उसके स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर भी ध्यान देना आवश्यक माना जाता है।

निष्कर्ष

शामली में समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना की योग दिवस से जुड़ी तस्वीरों ने निश्चित रूप से चर्चा को जन्म दिया है। जहां एक वर्ग इसे स्वास्थ्य जागरूकता का सकारात्मक संदेश मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसके राजनीतिक पहलुओं पर चर्चा कर रहा है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और जनचर्चा तक सीमित है, लेकिन इससे एक बार फिर यह सवाल सामने आया है कि क्या योग को केवल स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाना चाहिए या फिर सार्वजनिक जीवन में इसकी प्रस्तुति राजनीतिक बहस का विषय बन सकती है।

विधायक दर्पण की टिप्पणी

"योग पर नहीं, राजनीति में उसके संदेश पर बहस छिड़ी है।"


विशेष रिपोर्ट: ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क, विधायक दर्पण

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