सहारनपुर। जिले की सियासत में इन दिनों रूही अंजुम का नाम तेजी से चर्चा में है। गांव-गांव और शहर के मोहल्लों में लगातार जनता के बीच पहुंच रही रूही अंजुम को खास तौर पर बुजुर्गों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। कई स्थानों पर बुजुर्गों ने उनके सिर पर हाथ रखकर दुआएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। माना जा रहा है कि बुजुर्गों की यही दुआएं उनकी सियासी पकड़ को लगातार मजबूत कर रही हैं।
हाल ही में लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और तेज हो गई है। लखनऊ से लौटने के बाद उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान को और गति दे दी है। गांवों की चौपालों से लेकर कस्बों और मोहल्लों तक वह लगातार लोगों से मिल रही हैं, उनकी समस्याएं सुन रही हैं और समाजवादी पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं।
रूही अंजुम लंबे समय से सहारनपुर जनपद की सातों विधानसभा सीटों—सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, रामपुर मनिहारान, गंगोह, नकुड़ और बेहट—में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय नजर आ रही हैं। पार्टी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी, कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद और जनता के बीच उनकी मौजूदगी ने उन्हें जिले की राजनीति में एक मजबूत महिला चेहरा बना दिया है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जिस तरह रूही अंजुम की सक्रियता और लोकप्रियता बढ़ रही है, उससे आने वाले चुनाव से पहले सहारनपुर की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि सहारनपुर जिले में रूही अंजुम जैसी सक्रिय अन्य विपक्ष पार्टी में कोई महिला नेता नहीं है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया तो सहारनपुर देहात की राजनीति में एक नया और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट -गुलवेज़ आलम कैराना
No comments:
Post a Comment