:
नई दिल्ली। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के तीसरे केंद्रीय बजट में अल्पसंख्यक समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी की गई है। द्वारा पेश किए गए बजट 2026–27 में मंत्रालय के लिए कुल 3400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि वर्ष 2025–26 में यह राशि 3395.62 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार बजट में 4.38 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार के अनुसार, यह आवंटित राशि अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी। विशेष रूप से छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम और बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (MSDP) जैसी योजनाओं को इस बजट से नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे ज़मीनी स्तर पर लाभ पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस बजट बढ़ोतरी का के नेता ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बजट में की गई यह वृद्धि सरकार की सकारात्मक सोच और समावेशी नीति को दर्शाती है।
मुबारिक हसन गुर्जर ने कहा, “ के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की नीति पर लगातार काम हो रहा है। अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही बजट वृद्धि की राशि सीमित प्रतीत होती हो, लेकिन सांकेतिक रूप से यह कदम महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे समय में, जब सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास पर विशेष जोर दे रही है, यह संदेश दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आवंटित बजट का कितना प्रभावी और पारदर्शी उपयोग किया जाता है और यह विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किस हद तक ज़मीनी स्तर पर जरूरतमंदों तक पहुंच पाता है।
✍️ खास रिपोर्ट:
संपूर्ण राजनीतिक समाचार पत्रिका के लिए
पत्रकार: गुलवेज आलम
#vidhayakdarpan
📞 8010884848
🌐 www.vidhayakdarpan.com
✉️ vidhayakdarpan@gmail.com
No comments:
Post a Comment